बिगबॉस फेम और ‘नेवर गिव अप’ एटीट्यूड के लिए मशहूर अविनाश मिश्रा अब खतरों के खिलाड़ी’ में अपना दमखम दिखाने के लिए तैयार हैं। हाल ही में ‘बिग बॉस ओटीटी’ में अपने बेबाक अंदाज से सुर्खियां बटोरने वाले अविनाश का मानना है कि असल जिंदगी के संघर्षों ने उन्हें इस शो के लिए सालों पहले ही तैयार कर दिया था। दैनिक भास्कर से बातचीत में अविनाश ने अपने करियर के शुरुआती संघर्षों, मुंबई आने के उस सबसे बड़े ‘खतरे’ और शो के होस्ट रोहित शेट्टी के साथ अपनी केमिस्ट्री पर विस्तार से बात की। उन्होंने साझा किया कि कैसे बिना किसी गॉडफादर के इंडस्ट्री में जगह बनाना उनके लिए ‘मेक इट या ब्रेक इट’ जैसी स्थिति थी। सवाल: अविनाश, आप अपनी चॉकलेटी इमेज और स्ट्रॉन्ग पर्सनैलिटी के लिए जाने जाते हैं। अब आप ‘खतरों’ से खेलने जा रहे हैं, कितनी तैयारी है? जवाब: देखिए, मैं स्वभाव से ही हर चीज के लिए खुद को तैयार रखने वाला इंसान हूं। लेकिन ‘खतरों के खिलाड़ी’ एक ऐसा शो है जहां आप चाहे जितनी भी तैयारी कर लें, वहां जाकर सब कुछ नया ही लगता है। फिर भी, जो मेरे हाथ में है यानी अपनी फिजिकल और मेंटल स्ट्रेंथ, उस पर मैंने पूरा काम किया है। मैं 100% तैयार हूं, अब देखते हैं शो के अंदर क्या होता है। सवाल: जब आप पहली बार मुंबई आए थे, तब आपके पास कोई गॉडफादर नहीं था। क्या वह आपके जीवन का सबसे बड़ा खतरा था? जवाब: बिल्कुल वह एक ऐसा दौर था जब मुझ पर एक अलग ही जुनून सवार था। जब आप बिना किसी सपोर्ट के अपने दम पर कुछ करने निकलते हैं, तो खौफ तो होता ही है। मुझे याद है, उस वक्त सिर्फ एक ही डर सताता था कि ‘अगर नहीं हुआ तो क्या?’ तब सीधा अपना सामान बांधकर वापस जाना पड़ता। वह ‘मेक इट या ब्रेक इट’ वाली स्थिति थी। मैंने उस जुनून को आज भी अपने अंदर जिंदा रखा है, जो मुझे आज भी काम आता है। सवाल: क्या वह ‘वापस घर जाने का डर’ ही आपकी ताकत बना? जवाब: हां, क्योंकि जब आपके पास खोने के लिए कुछ नहीं होता, तो पाने के लिए पूरा आसमान होता है। मैंने खुद से कहा था कि मर जाएंगे लेकिन करके दिखाएंगे। वही मंत्र आज भी मेरे साथ है। जब मैंने लाइफ का इतना बड़ा रिस्क ले लिया था, तो अब ये स्टंट्स तो मैं कर ही लूंगा। सवाल: इस सीजन को ‘डर का नया दौर’ कहा जा रहा है। पानी, ऊंचाई या रेंगने वाले कीड़े… आपको किससे सबसे ज्यादा डर लगता है? जवाब: सच कहूं तो शुरुआत में जब मुझसे पूछा गया, तो मैंने कहा कि मुझे किसी चीज से डर नहीं लगता। लेकिन जैसे-जैसे शो के दिन नजदीक आ रहे हैं, अब हर चीज डरावनी लग रही है (हंसते हुए)। पर एक विजन भी स्टार्ट हो गया है कि अगर मुझे यह स्टंट मिला, तो मैं इसे कैसे ओवरकम करूंगा। डर को मात देने का मजा ही अलग है। सवाल: इस बार ‘ओल्ड वर्सेज न्यू’ का कॉन्सेप्ट है, पुराने खिलाड़ी भी आपके सामने होंगे। इसे कैसे देखते हैं? जवाब: यह बहुत दिलचस्प होने वाला है। जो पुराने खिलाड़ी हैं, उनके पास अनुभव है, वो शो का फ्लो जानते हैं। लेकिन हम जो नए हैं, हमारे पास एक अलग अप्रोच और फ्रेश एनर्जी होगी। वहां यह मायने रखेगा कि स्टंट के वक्त किसका दिमाग सही क्लिक कर गया। सवाल: क्या ‘बिग बॉस’ जैसे शो ने आपको मेंटली इस शो के लिए तैयार किया है? जवाब: बहुत ज्यादा! बिग बॉस में अगर आप इतने दिन सर्वाइव कर गए, तो आपको मेंटल ट्रेनिंग अपने आप मिल जाती है। वहां आप मानसिक तौर पर बहुत सी चीजों को झेलना सीख जाते हैं। खतरों के खिलाड़ी सिर्फ बॉडी बिल्डिंग का खेल नहीं है, यह विल पावर और मुश्किल हालात में खुद को शांत रखने का खेल है। सवाल: जब आपको इस शो का ऑफर मिला, तो घर पर मम्मी-पापा का क्या रिएक्शन था? जवाब: उन्हें पता था कि अगर मुझे ऑफर आया, तो मैं ‘हां’ ही कहूंगा। मैं इस शो के लिए हमेशा एक्साइटेड रहता था। मम्मी-पापा को बस इस बात की फिक्र रहती है कि मैं वहां जाकर स्टंट के अलावा और कुछ खुराफात न करूं। उन्होंने बस यही कहा- “जा रहा है तो बस जीत के आना।” सवाल: रोहित शेट्टी के साथ काम करने को लेकर कितने एक्साइटेड हैं? जवाब: रोहित सर अपनी फिल्मों की तरह ही हैं फुल ऑफ एक्शन और कॉमेडी। वो बहुत स्पोंटेनियस हैं। कई बार वो प्रैंक्स करके माहौल को हल्का कर देते हैं, तो कई बार इतने मोटिवेट करते हैं कि आप नामुमकिन स्टंट भी कर जाते हैं। उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।
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