Happy Birthday Amrita Singh : ‘मर्द सिंह’ का खिताब पाने वाली वह हसीना अपने बोल्ड, बिंदास और बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती थीं. 80 के दशक में जब एक्ट्रेसेस से चुप रहने की उम्मीद की जाती थी, तब उन्होंने हर सवाल पर खुलकर अपनी राय रखी. शादी और करियर को लेकर उड़ती अफवाहों पर भी उन्होंने दो टूक कहा फैसला मेरा होगा. इस जवाब ने ट्रोल्स को चुप कराया और उन्हें उनका असली आईना दिखा दिया.
नई दिल्ली. ‘मर्द सिंह’… यह नाम उन्हें यूं ही नहीं मिला था. बेबाक राय, निर्भीक अंदाज और अपने फैसलों पर अडिग रहने वाली उस हसीना ने 80 के दशक में हिंदी सिनेमा की परंपरागत सोच को खुली चुनौती दी. बड़े-बड़े सितारों के साथ काम करते हुए भी उन्होंने कभी खुद को किसी खांचे में सीमित नहीं होने दिया. करियर के शिखर पर थीं तो शादी को लेकर तरह-तरह की बातें उड़ाई गईं. कहा गया कि वह इसलिए शादी नहीं कर रहीं क्योंकि फिल्मों से हाथ धोना पड़ जाएगा.लेकिन उन्होंने ट्रोल्स और आलोचकों को सीधा जवाब दिया. साफ कहा- शादी और करियर, दोनों पर फैसला मेरा होगा, किसी और का नहीं… उन्होंने मिसालें देकर बताया कि एक एक्ट्रेस का निजी जीवन उसके काम का दुश्मन नहीं होता. समय बदला, दौर बदला, पर उनकी वो दो टूक बात आज भी गूंजती है. सच कहें तो उन्होंने सिर्फ जवाब नहीं दिया, बल्कि आईना दिखाया था. फाइल फोटो.

अमृता सिंह का जन्म आर्मी अफसर शिविंदर सिंह विर्क और राजनीतिक कार्यकर्ता रुखसाना सुल्ताना के घर हुआ था, जो इमरजेंसी के दौर की चर्चित शख्सियत रही हैं. उनकी नानी बेगम आबिदा अहमद की बहन थीं, जो भारत के पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद की पत्नी थीं. सिख-मुस्लिम परिवार में जन्मीं अमृता ने 1991 में सैफ अली खान से शादी से पहले आधिकारिक रूप से इस्लाम कबूल किया. 12 साल के उम्र अंतर और शादी के बाद एक्टिंग से दूरी ने उस समय खूब सुर्खियां बटोरीं. फाइल फोटो.

अपने समय की सबसे बेबाक अभिनेत्रियों में गिनी जाने वाली अमृता अब बेहद निजी जिंदगी जीती हैं. वह मीडिया और ग्लैमरस आयोजनों से दूर रहना पसंद करती हैं. वह सारा अली खान और इब्राहिम अली खान की मां हैं. सारा ने 2018 में ‘केदारनाथ’ से डेब्यू किया, जबकि इब्राहिम ने 2025 में ‘नादानियां’ से फिल्मों में कदम रखा.’बेताब’ से सनी देओल के साथ हिंदी सिनेमा में कदम रखने वाली एक्ट्रेस अमृता सिंह अपने जमाने की बोल्ड और बिंदास एक्ट्रेस हुआ करती थीं, जिन्होंने हर रूढ़िवादी सोच को पीछे छोड़ अपना करियर और परिवार चलाने पर फोकस किया था. फाइल फोटो.
Add News18 as
Preferred Source on Google

आज अभिनेत्री अपना 68वां जन्मदिन मना रही है और इस मौके पर हम जानेंगे कि कैसे अमृता ने साल 1989 में अपने खिलाफ फैल रहे निगेटिव कैंपेन को नकारा था और महिला एक्ट्रेसेस को सिनेमा में टारगेट करने वाले लोगों को मुंह तोड़ जवाब दिया था. (Image: YouTube/Screengrab)

अमृता सिंह ने 17 साल की उम्र में हिंदी सिनेमा में अपने करियर की शुरुआत की थी, हालांकि उनका परिवार नहीं चाहता था कि वह सिनेमा की चमचमाती लेकिन जटिल दुनिया में जाए. अमृता अपना मन बना चुकी थी और पहली फिल्म की तलाश में थीं और उसी वक्त धर्मेंद्र सनी देओल को लॉन्च करने के लिए नया चेहरा ढूंढ रहे थे और उनकी तलाश अमृता सिंह पर जाकर खत्म हुई. फाइल फोटो.

फिल्म बनी और हिट साबित हुई, जिसके बाद अभिनेत्री ने अमिताभ बच्चन, ऋषि कपूर, शत्रुघ्न सिन्हा, संजय दत्त, धर्मेंद्र और गोविंदा जैसे बड़े स्टार्स के साथ काम किया, लेकिन करियर के पांच साल बीत जाने के बाद कहा जाने लगा कि वह शादी नहीं करना चाहती है क्योंकि उन्हें डर है कि उनका करियर खत्म हो जाएगा और फिल्में नहीं मिलेंगी. फाइल फोटो.

5 साल सिनेमा में बिताने के बाद उनके बिंदास अंदाज से हर कोई वाकिफ था. इसलिए अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म ‘मर्द टांगेवाला’ करने के बाद उन्हें हिंदी सिनेमा में ‘मर्द सिंह’ का टाइटल मिला था, क्योंकि वे हर मुद्दे पर खुलकर राय रखती थीं. हिंदी सिनेमा में उड़ती अफवाहों पर फुलस्टॉप लगाते हुए एक्ट्रेस ने साफ किया था कि वे शादी करेंगी क्योंकि वे अच्छे से जानती हैं कि अभिनेत्रियों को सिनेमा में काम सिर्फ 10-15 साल तक ही मिल पाता है.

अमृता ने इंटरव्यू में कहा था, ‘समझ नहीं आता कि लोगों को क्यों लगता है कि अगर मैं शादी करूंगी तो काम छोड़ दूंगी या काम मिलना बंद हो जाएगा. मेरी शादी से मेरे काम का क्या लेना-देना है? हेमा मालिनी और स्मिता पाटिल ने भी शादी की और काम भी कर रही हैं, तो मेरी चिंता करने की जरूरत नहीं है. शादी करने का फैसला और फिल्में करने का फैसला मेरा होगा.’ उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कहा कि मैं शादी करियर और फिल्मों के लिए नहीं कर रही हूं, तो वे लोग और उनकी बातें बहुत घटिया हैं. फाइल फोटो.
Discover more from Entertainment News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.