बॉलीवुड का वो रोमांटिक हीरो, जिसकी मुस्कान पर हर एक्ट्रेस फिदा हो जाया करती थी. स्टाइल और हल्की शरारत ने 60 के दशक में उन्हें चॉकलेटी हीरो वाली इमेज थी. अपने हर रोल से वह उस दौर में लड़कियों के दिल की धड़कन बन गए थे. कभी सुनील दत्त की फिल्म रिजेक्ट करने वाले इस एक्टर डायरेक्टर बनते ही करियर ठप हो गया था.
सुनील दत्त का भाई बनने से किया था इनकार
हिंदी सिनेमा में कभी हिट की गारंटी कहलाने वाले वा एक्टर कोई और नहीं जॉय मुखर्जी हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 1960 में आई फिल्म हम हिंदुस्तानी से की थी. इस फिल्म में उन्होंने छोटे से रोल से डेब्यू किया था. लेकिन उन्होंने पहले इस फिल्म में काम करने से इनकार कर दिया था. बाद में बड़ी मुश्किल से उन्हें मनाकर इस फिल्म में लाया गया था.
ठुकरा दी थी सुनील दत्त की फिल्म
जॉय मुखर्जी जाने माने दिग्गज अभिनेता अशोक कुमार के भांजे हैं. उन्होंने एक्टिंग करियर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा. लेकिन करियरक की पहली फिल्म उन्होंने 15 रुपए फीस मिलने पर ठुकरा दी थी. इस फिल्म में लीड रोल में सुनील दत्त और साधना नजर आए थे. लेकिन बाद में 200 फीस मिलते ही वह इस फिल्म के लिए राजी हो गए थे. साल 1960 में आई वो फिल्म है ‘हम हिंदुस्तानी’ बन रही थी. इसमें जॉय को सुनील दत्त के छोटे भाई का रोल ऑफर हुआ. उस समय जॉय कॉलेज में थे और उन्होंने जेब खर्च के लिए इस फिल्म में काम किया था. जॉय ने अपने करियर में साधना, वैजयंती माला, सायरा बानो,शर्मिला टैगोर और हेलेन के साथ भी काम किया.
हर रोल में फूंक दी जान
आशा पारेख के साथ दी ब्लॉकबस्टर
जॉय मुखर्जी ने अपने करियर में कई बड़ी एक्ट्रेसेस संग काम किया है. आशा पारेख के साथ उन्होंने फिल्म ‘लव इन टोक्यो’ में काम किया था. इस फिल्म से उन्हें बड़ी पहचान मिली थी. फिल्म बड़ी हिट साबित हुई थी. इस फिल्म के बाद जॉय रोमांटिक हीरो के तौर पर पहचाने जाने लगे थे. इसके अलावा उन्होंने अपने करियर में ‘फिर वही दिल लाया हूं’, ‘लव इन टोक्यो’, ‘जिद्दी’, ‘एक मुसाफिर एक हसीना’, ‘शागिर्द’, ‘इशारा’ और ‘आओ प्यार करें’ जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया. उनकी फिल्मों में अक्सर ओ.पी. नैय्यर का ही संगीत होता था.
बहुत कम लोग जानते हैं कि जॉय अशोक कुमार के भांजे थे. इस हिसाब से उनका फिल्मी बैकग्राउंड तो रहा ही थी. इसलिए एक्टिंग में हुनर आजमाने के बाद वह फिल्म निर्माण और निर्देशन में भी अपना हुनर आजमाने का जोखिम उठाए थे. उन्होंने . ‘हमसाया’, ‘मिस बॉम्बे’ और ‘छैला बाबू’ जैसी फिल्में बनाईं. ‘छैला बाबू’ को तो डायरेक्ट भी उन्होंने ही किया था. यही उनकी बड़ी गलती साबित हुई. उनकी फिल्में फ्लॉप साबित हुई और उनका प्रोडक्शन में लगाया गया पैसा डूब गया और इसके बाद वह आर्थिक संकट झेलने लगे. इसके बाद वह सपोर्टिंग रोल में नजर आने लगे और देखते ही देखते उनका करियर डूब गया.
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न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार का डिजिटल मीडिया में 9 सालों का अनुभव है. एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू और इंटरव्यू में विशेषज्ञता है. मुनीष ने जामिया मिल्लिया इ…और पढ़ें
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