Bollywood True Story : साल था 1969 और तारीख थी 11 सितंबर. मुंबई के दादर स्टेशन पर एक युवक अपना सामान लेकर ट्रेन से नीचे उतरा. अपना सामान हाथ में लेकर स्टेशन से बाहर जाने लगा. तभी कुली ने पीछे से आवाज लगाते हुए कहा ‘ओ हीरो कहां जा रहे हो’. कुली से मुंह से हीरो शब्द सुनकर युवक ठिठक गया. कुली के शब्द उसके दिल में उतर गए. नसीब का खेल देखिए कि सांवली सी सूरत वाला वही लड़का बॉलीवुड में सुपरस्टार बना. कुली की भविष्यवाणी 100 फीसदी सच निकली. इतना बड़ा सुपरस्टार बना कि उसने अमिताभ बच्चन-जीतेंद्र-धर्मेंद्र को टक्कर थी. इस सुपरस्टार की 2022 में रिलीज हुई फिल्म सुपर ब्लॉकबस्टर रही थी. वो सुपर स्टार कौन है, आइए जानते हैं……
‘टैलेंट और अदाकारी सब नसीब लेकर आता है. अच्छी कहानी और अच्छी फिल्में तो बस एक माध्यम होती हैं’ यह कहना है उस सुपर स्टार का जो पिछ्ले 40 साल से बॉलीवुड में सक्रिय हैं. वो तो मुंबई रोजीरोटी कमाने के लिए आए थे. दादर रेलवे स्टेशन पर कुली के अनजाने में उन्हें हीरो बोल दिया. कुली के वही शब्द दुआ बन गए. हम बात कर रहे बॉलीवुड के सुपर स्टार मिथुन चक्रवर्ती की जो इस साल लाहौर 1947, भूत बंगला और जेलर 2 जैसी फिल्मों में नजर आएंगे. मिथुन चक्रवर्ती की संघर्ष की कहानी बहुत ही प्रेरणादायी है. मुंबई में उन्होंने बहुत संघर्ष किया. फुटपाथ पर सोए. सांवला रंग था तो कई डायरेक्टर-प्रोड्यूसर उनसे कहते थे कि वो हीरो मटेरियल नहीं हैं.

मिथुन चक्रवर्ती ने मुंबई पहुंचने और हीरो बनने के पीछे एक कुली का हाथ होने की वजह का खुलासा करते हुए कहा था, ’11 सितंबर 1969 को मैं दादर स्टेशन पर उतरा था. मेरे चाचा यहां रहते थे. कुली ने आवाज दी, ऐ हीरो. मैं रुक गया. मैंने सोचा कि क्या मैं हीरो जैसा लग रहा हूं? हो सकता था. सपने में भी मैंने नहीं सोचा था कि हीरो बनूंगा. दो कदम आगे बढ़ा तो पता चला कि जितने भी लोग पैदल जा रहे हैं, उन्हें रिक्शे वाले हीरो कह रहे हैं. ये उनका स्टाइल था. सामान उठाने के लिए. तो मेरा भ्रम टूट गया. शायद उस गरीब कुली के मुंह से मेरे लिए वही लफ्ज दुआ बनकर निकले होंगे तो मैं हीरो बन गया.’

मिथुन दा ने मुंबई में अपने शुरुआती दिनों में बहुत संघर्ष किया. उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘मैं फुटपाथ से आया था. मुंबई शहर में बहुत दिन ऐसे गए कि मैं किसी हॉस्टल के बाहर सो जाता था. यह नहीं पता होता था कि खाना कहां गाऊंगा. फिर लगा कि हारूंगा नहीं. फिल्म इंस्टीट्यूट से पढ़कर आया था. मुझे लगता था कि मैं डांस बहुत अच्छा कर सकता हूं. मैं ऐसा कुछ करना चाहता था कि लोगों का मेरे चेहरे के रंग पर किसी का ध्यान ना जाए. फिर ऐसा नसीब हुआ कि मृणाल सेन ने मुझे ब्रेक दिया. मैं ट्राइबल हीरो बन गया. उसी फिल्म में मुझे नेशनल अवॉर्ड मिला. फिर मैंने सुरक्षा फिल्म की. डांसिंग पर जोर दिया. लोगों को मेरा डांसिंग स्टाइल बहुत पसंद आया. सुरक्षा हिट हो गई. फिल्म मैगजीन में मेरे बारे में लिखा गया कि ‘A star is Born.’ फिर तो मेरा सफर चल पड़ा. मेरा कोई गॉडफादर नहीं था.’
Add News18 as
Preferred Source on Google

संघर्ष के दिनों का एक और किस्सा मिथुन चक्रवर्ती ने बताते हुए कहा था, ‘मेरे साथ एक रूममेट था. 75 रुपये देकर मैं जमीन में सोता था वो 150 रुपये देकर खटिया पर सोता था. एक रात को मुझे चूहे ने काट लिया. मैं उठ गया. मेरे पास काम धंधा नहीं था. मेरा रूममेट जब ऑफिस चला गया तो मैं उसकी खाट पर सो गया. मुझे क्या पता था कि वो आ जाएगा. वो जब आया तो मेरे ऊपर बहुत भड़का. उसके बाद मुझे जो दर्द-दुख महसूस हुआ, वो सब मैंने अपनी फिल्मों में निकाला. मेरा मानना है कि नसीब चलता है. कहानी तो बस एक माध्यम होती है.’

वैसे तो मिथुन चक्रवर्ती ने 1976 में मृगया फिल्म से डेब्यू किया था. उन्हें इस फिल्म के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था. मिथुन के सफलता के लिए पूरे 6 साल का इंतजार करना पड़ा. 17 दिसंबर 1982 को रिलीज हुई ‘डिस्को डांसर’ फिल्म से मिथुन चक्रवर्ती रातोंरात स्टार बने. इस फिल्म को बब्बर सुभाष ने डायरेक्ट किया था. वही इस फिल्म के प्रोड्यूसर थे. सही मायने में वो मिथुन के गॉडफादर बने. मिथुन बॉलीवुड के नए डांसिंग स्टर कहलाए. उनका ब्रेक डांस पॉप्युलर हुआ. 80 के दौर के अभिनेताओं की छवि तोड़ी. उस दौर के हीरो डांस नहीं कर पाते थे. इस फिल्म को रूस समेत कई दूसरे देशों में खूब पसंद किया गया. डिस्को डांसर के बारे में कहा जाता है कि यह पहली हिंदी फिल्म है जिसने 100 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया. दिलचस्प बात यह है कि डिस्को डांसर से पहले बी. सुभाष की इसी तरह की फिल्म ‘स्टार’ फ्लॉप हो गई थी. इसमें कुमार गौरव हीरो थे.

डिस्को डांसर के बाद 1985 की ‘प्यार झुकता नहीं’ फिल्म की पॉप्युलैरिटी ने उनका स्टारडम और बढ़ाया. मिथुन चक्रवर्ती ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘प्यार झुकता नहीं के बाद से इमोशनल स्टोरी पर बेस्ड फिल्में मिल रही हैं. मैंने डांस-वांस नहीं सीखा. आप मुझे रोड डांसर बुला सकते हैं. मुंबई में जैसे गणपति पूजा में हिस्सा लेते हैं, वैसे ही हमारे यहां कोलकाता में दुर्गा पूजा में जाते हैं. एक डांसर को कहीं भी मुश्किल नहीं आनी चाहिए.’

श्री देवी से अपने अफेयर पर मिथुन चक्रवर्ती ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘अखबारों में जो अफवाह हैं, कुछ गलत हैं तो कुछ सही हैं. मैं मैरिड बेचलर हूं. मैंने सभी अभिनेत्रियों के साथ काम किया है. फिल्म इंडस्ट्री में बहुत अनिश्चितता है. मैं नहीं चाहूंगा कि मेरे बच्चे इस फील्ड में आएं.’

मिथुन चक्रवर्ती ने अपने करियर में 370 से ज्यादा फिल्में कीं. 150 से ज्यादा फिल्में उनकी फ्लॉप रहीं. मजेदार बात यह है कि मिथुन दा ने अपनी 200 फिल्मों को तो कभी खुद नहीं देखा. 150 फिल्मों ने गोल्डन जुबली और डायमंड जुबली को भी पूरा किया. पर्सनल लाइफ की बात करें तो उन्होंने अपनी जिंदगी में दो शादियां कीं. हेलेना ल्यूक से उनकी शादी छह माह भी नहीं टिक पाई थी. फिर उन्होंने एक्ट्रेस योगिता बाली से शादी की. योगिता की भी यह दूसरी शादी थी. उनकी पहली शादी फेमस सिंगर किशोर कुमार से हुई थी लेकिन यह रिश्ता डेढ़-दो साल ही टिक पाया. जलद ही दोनों अलग हो गए. 1976 में योगिता और मिथुन ने शादी की. दोनों के चार बच्चे हैं.
Discover more from Entertainment News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.