संगीत जगत के दिग्गज रवींद्र जैन और शोमैन राज कपूर के बीच सम्मान और विश्वास का खास रिश्ता था. रवींद्र जैन की दिली तमन्ना राज कपूर के साथ काम करने की थी, जिसके लिए उन्होंने सालों इंतजार किया. संगीतकार का इंतजार तब खत्म हुआ, जब राज कपूर ने जन्मदिन पर उनके गाए 1 गीत से प्रभावित होकर उन्हें ‘राम तेरी गंगा मैली’ फिल्म का मौका दिया. यह फिल्म उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई और उन्हें फिल्मफेयर का बेस्ट संगीत निर्देशक का पुरस्कार दिलाया.
रवींद्र जैन ने हिंदी सिनेमा में यादगार गाने दिए हैं. (फोटो साभार: IANS)
रवींद्र जैन ने हार नहीं मानी और संयम के साथ उस एक कॉल का इंतजार करते रहे जो उनकी जिंदगी बदलने वाला था. आखिरकार वह घड़ी आई राज कपूर के पुणे में मौजूद फार्महाउस पर, उनके जन्मदिन की पार्टी के दौरान. राज कपूर ने रवींद्र जैन से महफिल में कुछ सुनाने को कहा. उन्होंने जैसे ही अपनी धुन पर ‘सुन साहिबा सुन’ गाना शुरू किया, राज कपूर के चेहरे पर एक अलग ही चमक आ गई. उन्होंने तुरंत ऐलान कर दिया, ‘बस, यही है वो संगीत! तुम मेरी अगली फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ के संगीतकार हो.’ यह एक ऐसा फैसला था जिसने न सिर्फ रवींद्र जैन को बुलंदियों पर पहुंचाया, बल्कि उन्हें ‘बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर’ का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी दिलाया.
काफी स्ट्रगल के बाद मिली पहचान
रवींद्र जैन के शुरुआती सफर की बात करें तो 28 फरवरी 1944 को अलीगढ़ में जन्मे इस फनकार की राह आसान नहीं थी. उन्हें पांच अलग-अलग रेडियो स्टेशनों ने ऑडिशन में फेल कर दिया था. लेकिन उनके पिता से मिली संगीत की शिक्षा और उनके गुरु राधे श्याम झुनझुनवाला के भरोसे ने उन्हें टूटने नहीं दिया. उन्होंने 1969 में मुंबई आने के बाद मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर जैसे दिग्गजों के साथ काम किया. हालांकि, उनकी पहली फिल्म ‘लोरी’ अधूरी रह गई, लेकिन 1972 में ‘कांच और हीरा’ से उनकी पहचान बनी.
कई फिल्मों में दिए यादगार संगीत
रवींद्र जैन ने ‘सौदागर’, ‘चितचोर’ और ‘तपस्या’ जैसी फिल्मों में एक से बढ़कर एक मधुर गीत दिए. उनका संगीत मिट्टी की सोंधी खुशबू और भारतीय शास्त्रीय संगीत का बेजोड़ संगम होता था. राज कपूर के साथ उनका जुड़ना संगीत के उस सुनहरे दौर की शुरुआत थी जिसे आज भी लोग बड़े चाव से सुनते हैं. रवींद्र जैन की यह कहानी सिखाती है कि अगर आपके पास प्रतिभा है और आपमें लगातार काम करने का माद्दा है, तो सफलता के दरवाजे एक दिन जरूर खुलते हैं.
About the Author

अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें
Discover more from Entertainment News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.