गीतकार जावेद अख्तर ने हाल ही में बताया कि मशहूर इंडिपेंडेंट ट्रैक ब्रीथलेस का कॉन्सेप्ट उनके दिमाग में आने के बाद करीब सात साल तक किसी संगीतकार या म्यूजिक कंपनी का सपोर्ट उन्हें नहीं मिला था। गौरतलब है कि ब्रीथलेस सिंगर-कंपोजर शंकर महादेवन के आज तक के सबसे फेमस गानों में से एक है। इसे जावेद अख्तर ने लिखा था और इसका कॉन्सेप्ट भी उन्होंने ही सोचा था। ब्रीथलेस को लेकर वैरायटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में जावेद अख्तर ने बताया, “यहां तक कि सबसे बड़े शास्त्रीय गायक और संगीतकारों ने भी कहा कि हम ऐसा गाना नहीं बना सकते। जब वे कहते थे कि इसे गाने का रूप नहीं दे सकते, तो मैं उनसे धुनें मांगता था और कहता था कि बाकी काम मैं कर लूंगा। सब लोग बस मुस्कुरा देते थे, इसे एक दिलचस्प विचार कहते थे, लेकिन कोई भी साथ जुड़ने की हिम्मत नहीं करता था।” जावेद अख्तर ने आगे कहा कि यह गाना पूरे सात साल तक अटका रहा और जब मैं सात कहता हूं, तो मेरा मतलब सात ही है, न पांच, न छह। मैं सबसे मिला, लेकिन नाम लेना शर्मनाक होगा।
शंकर नहीं मिलते तो ब्रीथलेस बनता नहीं: जावेद अख्तर बता दें कि पूरे सात साल बाद जावेद अख्तर की मुलाकात शंकर महादेवन से हुई और उन्होंने उन्हें यह आइडिया सुनाया, जिन्होंने तुरंत हामी भर दी। जावेद अख्तर ने कहा, “यह मेरी किस्मत थी। अगर मेरी मुलाकात शंकर से नहीं हुई होती तो क्या होता? मैं आज भी ‘ब्रीथलेस’ को बिना बने ही लेकर बैठा होता। मैं यह मान लेता कि यह एक खराब आइडिया था, क्योंकि अगर हर कोई किसी चीज को ठुकरा रहा है तो उसमें कोई न कोई कमी तो होगी।” इस पर शंकर महादेवन ने कहा, “ब्रीथलेस के मामले में मार्केटिंग डिपार्टमेंट गाना या वीडियो रिलीज करने को तैयार नहीं था। उन्हें गाने पर भरोसा नहीं था। इसे लेकर बहस भी हुई।” इस पर जावेद अख्तर ने मजाकिया अंदाज में कहा, “इस विवाद की बातें बहुत शर्मनाक हैं। वे मुझसे पूछते थे कि इसे गाएगा कौन? कोई इसे गा नहीं सकता। यह गाना लोकप्रिय कैसे होगा?”
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