स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना ने हाल ही में 1990 के कश्मीरी पंडितों के पलायन के दौरान अपने परिवार के अनुभव शेयर किए। उन्होंने बताया कि उनके नाना को जान से मारने की धमकी मिली थी, लेकिन स्थानीय कश्मीरी मुसलमानों ने उनकी जान बचाई थी। समय रैना ने ‘दॉस्टकास्ट’ यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में कश्मीर में उग्रवाद और कश्मीरी पंडितों के पलायन के प्रभाव पर विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि उनके परिवार को भी रातोंरात कश्मीर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था। उनके अनुसार, उनके नाना सोमनाथ कौल, जो गांव में एक प्रसिद्ध डॉक्टर थे, का नाम हिट लिस्ट में शामिल किया गया था और उन्हें जान से मारने के लिए चिट्ठी जारी की गई थी। एक चिट्ठी में साफ लिखा था-“यहां से चले जाओ, नहीं तो कल जान ले लेंगे।” इस घटना के बाद परिवार बहुत डर गया था।
हालांकि, समय ने यह भी बताया कि उनके नाना की इलाके में बहुत इज्जत थी। वो कई लोगों का मुफ्त इलाज करते थे, इसलिए लोग उन्हें बहुत मानते थे। इसलिए वहां के कश्मीरी मुसलमानों ने उनके नाना को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। उन्होंने आतंकियों को रोक दिया और कहा कि वह उनके साथ ऐसा नहीं कर सकते। लेकिन आतंकवादियों ने समय के परिवार को तुरंत कश्मीर छोड़ने के लिए कहा। रातों-रात सबने अपना सामान एक वैन में रखा और घर छोड़ दिया। उन्होंने अपने बचपन पर पड़े असर का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना ने उनकी पहचान और मानसिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डाला। उन्होंने कहा कि उनकी पीढ़ी आज भी कश्मीर जाने में डर महसूस करती है। रैना ने यह भी बताया कि उनकी मां जब कई साल बाद कश्मीर गईं, तो वहां की बदली परिस्थितियां देखकर इमोशनल हो गईं और रो पड़ीं।
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