साल 2012 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में हुए विवाद पर तत्कालीन एसीपी इकबाल शेख ने हाल ही में बताया कि शाहरुख खान और एमसीए अधिकारियों के बीच गलतफहमी से बहस हुई, जिसे बढ़ने से रोकने के लिए उन्होंने एक्टर को मौके से बाहर ले जाने को कहा था। यह मामला 2012 के आईपीएल मैच के बाद सामने आया था, जब कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुंबई इंडियंस को हराया था। मैच के बाद मैदान पर शाहरुख खान और सिक्योरिटी स्टाफ के बीच बहस के सीन सामने आए थे। इकबाल शेख ने शुभोजीत घोष के पॉडकास्ट में बताया, ‘जब मैं मेन गेट पर था, तो मुझे हमारे कलीग ने बताया कि शाहरुख यहां राड़ा (झगड़ा/हंगामा) कर रहा है।’ शेख ने बताया कि उस समय मैच खत्म हो चुका था। उन्होंने कहा, ‘मेरे साथ में ऑपरेटर था। उस टाइम मैच खत्म हो गया था, तकरीबन सब लोग जा चुके थे। फ्लडलाइट्स में से तीन-चार में से तीन लाइटें भी बंद हो गई थीं। सब लोग जा रहे थे। वहां पर शाहरुख खान और उसके फ्रेंड्स के साथ जो बच्चे लोग कुछ खेल रहे थे, वो एक साइड में खेल रहे थे।’ उन्होंने कहा, ‘वहां के सिक्योरिटी वाले ने उसके लिए ऑब्जेक्शन उठाया। सिक्योरिटी ने सीटी बजाई, तो शाहरुख खान को अच्छा नहीं लगा। उसमें कुछ बातचीत हुई, फिर सिक्योरिटी की तरफ से और एमसीए के कुछ लोगों ने बोला, तो आपस में हीटेड आर्गुमेंट्स हो गए।’ शाहरुख को तुरंत बाहर चलने को कहा इकबाल शेख ने बताया कि स्थिति बिगड़ने से पहले वह मौके पर पहुंचे और उन्होंने सीधे शाहरुख खान से कहा कि वह बाहर चलें। उन्होंने बताया कि एक्टर ने उनकी बात मानी और मामला वहीं शांत हो गया। घटना के बाद मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने एक्टर पर स्टेडियम में प्रवेश को लेकर नियम तोड़ने और स्टाफ से बदसलूकी का आरोप लगाया था। मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में शिकायत भी दर्ज की गई थी।
हालांकि, पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार शाहरुख खान ने बदसलूकी के आरोपों से इनकार किया था। उनका कहना था कि वह अपनी बेटी सुहाना खान और अन्य बच्चों की सिक्योरिटी को लेकर चिंतित थे।
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