- कॉपी लिंक
सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के नए अध्यक्ष शशि शेखर वेम्पति।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने मीडिया एक्सपर्ट शशि शेखर वेम्पति को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) यानी सेंसर बोर्ड का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है। वेम्पति प्रसार भारती के CEO के रूप में अपना 5 साल का कार्यकाल पहले ही पूरा कर चुके हैं।
वेम्पति को को इसी साल जनवरी में पद्म श्री सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। वहीं सेंसर बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष प्रसून जोशी को प्रसार भारती का नया CEO बनाया गया है। सरकार ने सेंसर बोर्ड और प्रसार भारती के अध्यक्षों की अदला बदली की है।

शशि शेखर को ‘पद्म श्री’ सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है।
कौन हैं शशि शेखर वेम्पति जून 2017 में प्रसार भारती का कार्यभार संभालने वाले वेम्पति इतिहास में सबसे कम उम्र के और पहले ऐसे प्रमुख थे जो सिविल सर्वेंट नहीं थे। IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र वेम्पति ने अपने 5 साल के कार्यकाल के दौरान राज्यसभा टीवी के सीईओ की जिम्मेदारी भी संभाली थी।
प्रसार भारती से पहले वे इंफोसिस और डिजिटल न्यूज स्टार्टअप ‘नीति डिजिटल’ से जुड़े रहे और साल 2024 में वे BARC के बोर्ड में प्रोफेशनल डायरेक्टर के रूप में शामिल हुए। प्रसार भारती के CEO रहते हुए उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन के आधुनिकीकरण में अहम भूमिका निभाई थी।
वेम्पति के इसी अनुभव और देश के प्रति उनके योगदान को देखते हुए जनवरी 2026 में उन्हें सरकार ने ‘पद्म श्री’ सम्मान से भी सम्मानित किया।

वेम्पति इंफोसिस और डिजिटल न्यूज स्टार्टअप ‘नीति डिजिटल’ से जुड़े रहे हैं।
संतुलन बनाना होगी मुख्य चुनौती CBFC भारत में फिल्मों को प्रमाणित करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। बोर्ड का मुख्य काम फिल्मों को उम्र के हिसाब से रेटिंग देना और यह सुनिश्चित करना है कि कंटेंट सामाजिक रूप से संवेदनशील हो। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद वेम्पति के सामने सबसे बड़ी चुनौती सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को और भी पारदर्शी और तेज बनाना होगी। फिल्म निर्माताओं और बोर्ड के बीच अक्सर होने वाले विवादों को सुलझाना भी उनकी प्राथमिकता रहेगी।

सेंसर बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष प्रसून जोशी को प्रसार भारती का नया CEO बनाया गया है।
क्या है CBFC और इसका काम? सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) एक वैधानिक संस्था है, जो सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत काम करती है। सिनेमाघरों और टेलीविजन पर दिखाई जाने वाली किसी भी फिल्म के लिए इस बोर्ड से सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होता है। बोर्ड फिल्मों को ‘U’, ‘UA’, ‘A’ और ‘S’ जैसी श्रेणियों में बांटता है, जिससे दर्शकों को पता चलता है कि फिल्म किस आयु वर्ग के लिए है।
Discover more from Entertainment News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
