मोहम्मद इकबाल खान की कहानी उन कलाकारों की है जिन्होंने असफलताओं के आगे हार नहीं मानी. फिल्मों में लगातार फ्लॉप होने के बावजूद उन्होंने अभिनय से दूरी नहीं बनाई और टेलीविजन की दुनिया में अपनी अलग पहचान कायम की. कश्मीर से मुंबई तक का उनका सफर संघर्षों से भरा रहा, लेकिन मेहनत और धैर्य ने उन्हें टीवी का लोकप्रिय रोमांटिक स्टार बना दिया. ‘कैसा ये प्यार है’ से मिली पहचान के बाद इकबाल ने कई हिट शोज किए. आज 10 फरवरी को एक्टर के बर्थडे के मौके पर उनके करियर के बारे में जानते हैं.
एक्टर का 10 फरवरी को जन्मदिन है.
कश्मीर में जन्मे मोहम्मद इकबाल खान को बचपन से ही अभिनय का शौक था. स्कूल के दिनों में नाटकों में हिस्सा लेना उनके लिए आम बात थी और तभी उन्होंने तय कर लिया था कि आगे चलकर वही उनका पेशा बनेगा. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने बिना किसी गॉडफादर के मुंबई का रुख किया. एक्टर के शुरुआती दिन बेहद मुश्किल न पक्की नौकरी, न रहने की सही व्यवस्था. मॉडलिंग कर के उन्होंने अपने खर्च निकाले और परिवार पर निर्भर न रहने का फैसला किया, हालांकि घरवाले हर कदम पर उनके साथ थे.
बॉक्स-ऑफिस पर फ्लॉप रहीं फिल्में
इकबाल को जब फिल्मों में काम मिलने लगा, तो लगा कि अब सपना सच होने वाला है. उन्होंने ‘कुछ दिल ने कहा’ से फिल्मी करियर की शुरुआत की और इसके बाद ‘बुलेट: एक धमाका’, ‘एक छोटी सी ईगो’ और ‘फंटूस’ जैसी फिल्मों में नजर आए. विद्या बालन के साथ एक प्रोजेक्ट का हिस्सा भी बने, लेकिन दुर्भाग्य से उनकी ज्यादातर फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं दिखा पाईं. लगातार असफलताओं ने आत्मविश्वास को जरूर झकझोरा, लेकिन इकबाल ने हार मानने के बजाय नया रास्ता चुना.
लगातार फ्लॉप के बाद किया टीवी का रुख
यहीं से उनके करियर ने टेलीविजन की ओर रुख किया और किस्मत ने करवट बदली. ‘कैसा ये प्यार है’ से उन्हें जबरदस्त लोकप्रियता मिली और देखते ही देखते वह टीवी के सबसे पसंदीदा रोमांटिक चेहरों में शामिल हो गए. इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई सफल शोज किए. ‘काव्यांजलि’, ‘कहीं तो होगा’, ‘वारिस’, ‘दिल से दिल तक’ और ‘एक था राजा एक थी रानी’ जैसे सीरियल्स में उनके किरदारों ने खास पहचान बनाई. यहां तक कि रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ में भी उन्होंने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई.
कोरोना में छोड़ दी थी एक्टिंग
कोविड के दौर में इकबाल ने कुछ समय के लिए छोटे पर्दे से दूरी बनाई, लेकिन वापसी भी उतनी ही मजबूती से की. ‘न उम्र की सीमा हो’ से उन्होंने फिर साबित कर दिया कि टीवी दर्शकों के दिलों में उनकी जगह आज भी कायम है. आज इकबाल न सिर्फ टेलीविजन बल्कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर भी सक्रिय हैं.
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प्रांजुल सिंह 3.5 साल से न्यूज18 हिंदी से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने Manorama School Of Communication (MASCOM) से जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन में डिप्लोमा किया है. वो 2.5 साल से एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही है…और पढ़ें
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