एक्टर और स्टैंड-अप कॉमेडियन वीर दास ने बंगाल चुनाव नतीजों के बीच साफ कर दिया है कि वह बंगाली नहीं हैं। दरअसल, वीर दास के सरनेम की वजह से बहुत से लोग उन्हें बंगाली समझते हैं। बंगाल से जुड़ी किसी भी घटना पर लोग उन्हें सोशल मीडिया पर टैग करने लगते हैं। इस बीच वीर दास ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X (ट्विटर) पर अपनी पहचान को लेकर लिखा कि अक्सर बंगाल में कुछ भी होने पर लोग उन्हें टैग करके पूछते हैं कि ‘देखो तुम्हारे बंगाल में क्या हो गया।’ लोग उन्हें बंगाल से जुड़ी हुई पोस्ट में टैग कर रहे थे। इस कन्फ्यूजन को खत्म करते हुए उन्होंने साफ किया कि भले ही उनके नाम के पीछे ‘दास’ लगा है, लेकिन उनका ताल्लुक बंगाल से नहीं है। यूपी-बिहार से है एक्टर का असली कनेक्शन
अपनी पहचान बताते हुए वीर ने साफ किया कि वह असल में आधे उत्तर प्रदेश (UP) और आधे बिहार से हैं। वीर के सरनेम ‘दास’ की वजह से अक्सर उत्तर भारतीय और पूर्वी भारतीय राज्यों के बीच लोग कंफ्यूज हो जाते हैं। वीर ने साफ किया कि बंगाल की राजनीति या वहां की घटनाओं से उनका कोई सीधा पारिवारिक संबंध नहीं है। उन्होंने इस गलतफहमी को उस वक्त दूर करना सही समझा जब लोग उन्हें राजनीतिक बहसों में घसीट रहे थे। देहरादून में जन्म और विदेश में पढ़ाई
वीर दास के शुरुआती जीवन की बात करें तो उनका जन्म साल 1979 में देहरादून में रानू दास और मधुर दास के घर हुआ था। उनका बचपन भारत के साथ-साथ नाइजीरिया में भी बीता। उनकी स्कूली शिक्षा द लॉरेंस स्कूल (सनावर) और दिल्ली पब्लिक स्कूल (नोएडा) से हुई। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने इलिनोइस के नॉक्स कॉलेज से इकोनॉमिक्स में बैचलर डिग्री ली। आज वह न केवल एक सफल कॉमेडियन हैं, बल्कि एक्टर और डायरेक्टर भी बन चुके हैं।
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