शत्रुघ्न सिन्हा ने पर्सनैलिटी राइट्स मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. अपने पर्सनैलिटी राइट्स, नाम, आवाज और मशहूर डायलॉग ‘खामोश’ के बिना अनुमति व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक की मांग की है. कोर्ट ने एक्टर को इसपर राहत देते हुए अपना फैसला सुरक्षित रखा.
शत्रुघ्न सिन्हा
शत्रुघ्न सिन्हा ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि कई वेबसाइट्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स उनके नाम, तस्वीर, आवाज और उनके मशहूर अंदाज का बिना अनुमति इस्तेमाल कर रहे हैं. उनकी सबसे खास पहचान बनने वाली पंचलाइन ‘खामोश’ का भी कथित तौर पर बिजनेस के लिए बिना अनुमति के इस्तेमाल किया जा रहा है.
शत्रुघ्न सिन्हा को कोर्ट से मिली राहत
सोमवार को जस्टिस शर्मिला देशमुख की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई की. अभिनेता की ओर से अदालत से अंतरिम राहत की मांग की गई है, ताकि उन सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइट्स पर तत्काल रोक लगाई जा सके जो उनकी पहचान का व्यावसायिक इस्तेमाल कर रही हैं. अदालत ने दिग्गज एक्टर को राहत देते हुए फिलहाल इस मांग पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है.
बिना अनुमति के इस्तेमाल नहीं हो पाएगा डायलॉग
79 वर्षीय अभिनेता का कहना है कि उन्होंने दशकों की मेहनत से अपनी अलग पहचान और ब्रांड वैल्यू बनाई है. उनकी पर्सनैलिटी, आवाज, अंदाज और संवाद शैली उनकी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी का हिस्सा है. ऐसे में बिना अनुमति इसका इस्तेमाल उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और इससे उन्हें आर्थिक व प्रतिष्ठा दोनों तरह का नुकसान हो रहा है.
याचिका में उन्होंने अदालत से स्थायी रोक लगाने की भी मांग की है. उनका कहना है कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति या संस्था उनके नाम, आवाज, स्टाइल या सिग्नेचर पंचलाइन का उपयोग किसी भी व्यावसायिक मकसद से उनकी अनुमति के बिना न कर सके.
बता दें, इससे पहले जैकी श्रॉफ भी अपने पॉपुलर डायलॉग पर फैसला सुरक्षित करने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं. कोर्ट ने एक्टर को राहत देते हुए उनके डायलॉग के बिना अनुमति प्रयोग पर रोक लगा दी.
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प्रांजुल सिंह 3.5 साल से न्यूज18 हिंदी से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने Manorama School Of Communication (MASCOM) से जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन में डिप्लोमा किया है. वो 2.5 साल से एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही है…और पढ़ें
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