Vijay Sethupathi Must Watch Films: साउथ सिनेमा के ‘मक्कल सेलवन’ यानी विजय सेतुपति अपनी अनोखी फिल्म ‘गांधी टॉक्स’ के साथ एक बार फिर दर्शकों को चौंकाने के लिए तैयार हैं. यह एक साइलेंट फिल्म है, जो बिना किसी डायलॉग के सिर्फ संगीत और भावों के जरिए कहानी कहती है. सेतुपति हमेशा से ही लीक से हटकर काम करने के लिए जाने जाते रहे हैं. चाहे वह ‘पिज्जा’ में एक डरा हुआ डिलीवरी बॉय हो या ‘सुपर डीलक्स’ में ट्रांसजेंडर का किरदार, उन्होंने हर रोल में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है. आज हम आपको विजय सेतुपति की 7 बेहतरीन मस्ट फिल्मों के बारे में बताते हैं.
नई दिल्ली. साउथ स्टार विजय सेतुपति की नई फिल्म गांधी टॉक्स भारतीय सिनेमा में एक अनोखा प्रयोग है. यह एक साइलेंट फिल्म है जिसमें कोई डायलॉग नहीं है, बस एआर रहमान का जादुई संगीत और विजय सेतुपति की दमदार एक्टिंग है. इस खास फिल्म के मौके पर विजय सेतुपति की उन बेहतरीन फिल्मों पर नजर डालते हैं, जिन्होंने उन्हें एक्टिंग का असली उस्ताद बना दिया. यहां पर देखिए पूरी लिस्ट.

सुपर डीलक्स: विजय सेतुपति के करियर की सबसे साहसी फिल्मों में से एक ‘सुपर डीलक्स’ (2019) है. इसमें उन्होंने ट्रांसजेंडर महिला का किरदार निभाया था, जो सालों बाद अपने परिवार के पास लौटती है. इस रोल को सेतुपति ने इतनी संजीदगी और गहराई के साथ जिया कि हर कोई उनका फैन हो गया.यह फिल्म साबित करती है कि वह किसी भी मुश्किल किरदार को पर्दे पर बेहद सहजता से उतार सकते हैं. (फोटो साभार: IMDb)

विक्रम वेधा: इस फिल्म में विजय सेतुपति और आर. माधवन के बीच जबरदस्त भिड़ंत देखने को मिली थी. गैंगस्टर ‘वेधा’ के रोल में विजय सेतुपति ने जान फूंक दी थी. उनका अंदाज डराने वाला भी था और दिल जीतने वाला भी. खास तौर पर उनके डायलॉग्स और बेपरवाह स्वैग ने उन्हें तमिल सिनेमा का सबसे चहेता विलेन और हीरो दोनों बना दिया. आज भी लोग उनके इस ग्रे शेड किरदार के दीवाने हैं. (फोटो साभार: IMDb)
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96: अगर आपने साल 2018 यह फिल्म नहीं देखी, तो आपने विजय सेतुपति की दमदार परफॉर्मेंस को मिस कर दिया. ’96’ बचपन के उन दो प्रेमियों की कहानी है जो सालों बाद एक स्कूल रीयूनियन में मिलते हैं. राम के किरदार में विजय सेतुपति ने बिना ज्यादा कुछ कहे, सिर्फ अपनी आंखों और खामोशी से प्यार का ऐसा दर्द बयां किया कि दर्शकों की आंखें नम हो गईं. यह फिल्म सादगी और इमोशन्स का बेहतरीन मेल है. (फोटो साभार: IMDb)

पिज्जा: साल 2012 में आई यही वो फिल्म थी जिसने विजय सेतुपति को रातों-रात स्टार बना दिया. यह एक पिज्जा डिलीवरी बॉय की इस कहानी है जो एक हॉरर घटना में फंस जाता है. विजय सेतुपति ने कमाल की एक्टिंग की थी. डर और घबराहट के भावों को उन्होंने इतने असली तरीके से पर्दे पर उतारा कि दर्शक दंग रह गए. इस फिल्म की सफलता ने तमिल सिनेमा को एक ऐसा उभरता हुआ सितारा दिया, जो आगे चलकर ‘मक्कल सेलवन’ बना. (फोटो साभार: IMDb)

सूदु कव्वुम: अगर आप विजय सेतुपति की कॉमेडी के कायल हैं, तो यह फिल्म आपके लिए ही है. एक सनकी किडनैपर दास के रोल में उन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग से सबको लोटपोट कर दिया था. साल 2013 में आई यह एक डार्क कॉमेडी फिल्म है, जिसमें सेतुपति का अजीबोगरीब अंदाज और उनकी गैंग की हरकतें फिल्म को कल्ट क्लासिक बनाती हैं. इस रोल ने साबित किया कि सेतुपति सिर्फ सीरियस रोल ही नहीं, बल्कि हंसी-मजाक वाले किरदार भी बखूबी निभा सकते हैं. (फोटो साभार: IMDb)

मास्टर: थलापति विजय जैसी बड़ी हस्ती के सामने विलेन बनकर खड़े होना और अपनी छाप छोड़ना कोई मामूली बात नहीं है. ‘मास्टर’ में सेतुपति ने भवानी नाम के बेरहम विलेन का किरदार निभाया, जो वाकई रोंगटे खड़े कर देने वाला था. उनकी ठंडी निगाहें और खतरनाक अंदाज ने फिल्म के लेवल को और ऊपर उठा दिया. साल 2021 की इस फिल्म ने दिखा दिया कि जब बात स्क्रीन प्रेजेंस की आती है, तो सेतुपति किसी भी बड़े सुपरस्टार को टक्कर दे सकते हैं. (फोटो साभार: IMDb)

का पे रणसिंगम: यह फिल्म विजय सेतुपति के सामाजिक सरोकारों और सादगी को दर्शाती है. एक किसान के किरदार में उन्होंने सिस्टम और न्याय के लिए जो लड़ाई लड़ी, उसने दर्शकों के दिल को छू लिया. उनकी एक्टिंग इतनी जमीन से जुड़ी हुई थी कि ऐसा लगा ही नहीं कि वह कोई रोल कर रहे हैं. यह फिल्म दिखाती है कि सेतुपति सिर्फ कमर्शियल फिल्मों के शौकीन नहीं हैं, बल्कि वह ऐसी कहानियों का हिस्सा बनना पसंद करते हैं जो समाज को आईना दिखा सकें. (फोटो साभार: IMDb)
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