तरुण खन्ना कहते हैं कि जब वह शिव के गेटअप में खुद को देखते हैं, तो सबसे पहले उनके मन में यही आता है कि वह फिट और परफेक्ट दिख रहे हैं. उनके मुताबिक, अगर भगवान हैं, तो वह परफेक्ट ही दिखते हैं. दर्शक भी उन्हें उसी रूप में देखना चाहते हैं, इसलिए इस किरदार के लिए शरीर को एक खास शेप में रखना मेरी जिम्मेदारी है. वह बताते हैं कि मंच के पीछे अंधेरे में जब वह आईने के सामने खड़े होते हैं और सिर्फ अपनी परछाई देखते हैं, तो कई बार उन्हें खुद में भगवान की छवि नजर आती है. एक अभिनेता को मंच पर जाने से पहले उस भाव को महसूस करना जरूरी है, ताकि वहीं भाव दर्शकों तक पहुंच सके.
फिटनेस और फूडी होने की चुनौती
तरुण खन्ना खुद को फूडी बताते हैं. उन्हें मिठाइयां और तला-भुना खाना पसंद है, लेकिन वह इसे नियंत्रित रखते हैं. अगर एक दिन कुछ गलत खा लिया, तो अगले 2-3 दिन सख्त डाइट फॉलो करता हूं. वह नियमित वर्कआउट और संतुलित खानपान को अपने फिट रहने का मंत्र मानते हैं.
रिजेक्शन से रोल तक
अभिनेता ने अपने करियर के संघर्ष को याद करते हुए बताया कि एक समय ऐसा भी था जब एक कास्टिंग डायरेक्टर ने उनसे कहा था कि उनका चेहरा बहुत सख्त है और वह भोलेनाथ जैसे नहीं दिख सकते हैं. यह बात उन्हें चुभी जरूर, लेकिन समय के साथ वहीं व्यक्ति उन्हें बड़े चैनल पर शिव का रोल ऑफर करने आया.
तरुण कहते हैं, शायद उम्र के साथ चेहरे पर नरमी आई और किस्मत ने भी साथ दिया.
तांडव से लेकर संवाद तक कड़ी तैयारी
भगवान शिव का किरदार निभाना आसान नहीं है. तरुण के अनुसार, सबसे मुश्किल था उस विशेष संवाद शैली और स्वर को पकड़ना, जिसमें भगवान की गरिमा और करुणा झलके. तांडव के लिए उन्होंने कई नामी कोरियोग्राफर्स के साथ काम किया, जिनमें प्रसिद्ध जोड़ी Rekha Chinni Prakash और Diksha Nagpal शामिल हैं. वह हफ्ते में तीन से चार दिन अभ्यास करते हैं ताकि मंच पर उनकी ऊर्जा और भाव बरकरार रहे.
शिव से सीखी सहनशीलता
तरुण मानते हैं कि इस किरदार ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी बदला है. शिव ने दुनिया के लिए विष पिया था. मैं विष तो नहीं पी सकता, लेकिन अब लोगों की बातों को सहने और समझने की क्षमता मुझमें आई है. वह कहते हैं कि अब वे किसी भी बात पर प्रतिक्रिया देने से पहले सामने वाले के दृष्टिकोण को समझने की कोशिश करते हैं.
नया शो, नया अंदाज
जल्द ही तरुण खन्ना एक नए शो में नजर आएंगे, जो Zee TV और &TV पर प्रसारित होगा. इस शो में वे शिव के रूप में धरती पर आकर इंसानों के बीच जीवन जीते नजर आएंगे. शूटिंग के लिए वे मध्य प्रदेश के पवित्र शहर Ujjain भी गए हैं.
हमारे राम एक शब्द में परिवार
हमारे राम के 400 मंचन पूरे होने पर तरुण ने इसे परिवार बताया. वह कहते हैं कि यह सिर्फ एक शो नहीं, बल्कि एक भावनात्मक रिश्ता है. उनका मानना है कि 400 तो सिर्फ 5 प्रतिशत है, असली सफर अभी बाकी है. तरुण खन्ना ने कहा कि शिव सिर्फ एक किरदार नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव है जो उन्हें मंच पर ही नहीं, जीवन में भी संतुलन और सहनशीलता सिखा रहा है.
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