अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने घरेलू हिंसा को मान्या देने वाला कानून बनाया है. हालांकि, इसमें कुछ शर्ते भी रखी हैं. इस पर इंटरनेशनल लेवेल पर तालिबान सरकार की आलोचना हो रही है. बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर, गौहर खान और एक्टर नंदीश संधु ने आलोचना की है और इसे बेहद शर्मनाक कानून बताया ह.
स्वरा भास्कर ने अफगानिस्तान के नए कानून की आलोचना की. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @reallyswara)
स्वरा भास्कर ने 20 फरवरी को मीडिया रिपोर्ट्स शेयर करते हुए लिखा, “अविश्वसनीय!!!!! सच में इंसानियत की सबसे खराब मिसाल, लगातार क्रूर और बेरहम, तालिबान पूरी तरह से राक्षस हैं. इंसानियत और उस धर्म का अपमान है जिसे वे मानते हैं. बेहद शर्मनाक.”
स्वरा भास्कर ने तालिबान द्वारा बनाए गए घरेलू हिंसा कानून पर आपत्ति जताई. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @reallyswara)
एकट्रेस गौहर खान ने भी इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “घिनौना.” एक्टर नंदीश संधू ने इस कानून के तर्क पर सवाल उठाते हुए कहा, “इसका क्या मतलब है?” बता दें, तालिबान ने 90 पन्नों की दंड संहिता को औपचारिक रूप से अपनाया, जिसे उनके सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने हस्ताक्षर किया है. कई रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दस्तावेज़ में तालिबान के सत्ता में आने के बाद लागू किए गए कई कठोर नियमों को शामिल किया गया है, जिससे महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर मानवाधिकार संगठनों में चिंता बढ़ गई है.
घरेलू हिंसा के कानून की शर्तें
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दंड संहिता के तहत पति अपनी पत्नी और बच्चों को शारीरिक रूप से सजा दे सकते हैं, बशर्ते सजा से हड्डी न टूटे या खुला घाव न हो. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की भाषा घरेलू हिंसा को कानूनी बना देती है. इस कानून में यह भी बताया गया है कि कौन व्यक्ति स्वतंत्र है और कौन गुलाम, जिससे न्याय व्यवस्था में असमानता को बढ़ावा मिलता है.
तालिबान के घरेलू हिंसा के नए कानून में क्या है?
दंड संहिता में मानसिक या यौन हिंसा को स्पष्ट रूप से अपराध नहीं माना गया है. इसमें अधिकतम 15 दिन की जेल की सजा का प्रावधान है, वह भी तब जब “अश्लील बल” जैसे गंभीर चोट या हड्डी टूटने का मामला हो. ऐसे मामलों में भी पत्नी को जज के सामने चोट का सबूत पेश करना जरूरी है. इसके अलावा, कानून में कहा गया है कि महिलाओं को अदालत में पूरी तरह ढंकी हुई और पति या पुरुष अभिभावक के साथ आना होगा, चाहे आरोपी खुद पति ही क्यों न हो. रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि कोई शादीशुदा महिला अपने पति की अनुमति के बिना रिश्तेदारों से मिलने जाती है, तो उसे तीन महीने तक जेल हो सकती है, भले ही वह घरेलू हिंसा से बचने की कोशिश कर रही हो.
About the Author
रमेश कुमार, सितंबर 2021 से न्यूज 18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. इससे पहले एबीपी न्यूज, हिंदीरश (पिंकविला), हरिभूमि, यूनीवार्ता (UNI) और नेशनल दुनिया में काम कर चुके हैं. एंटरटेनमेंट, एजुकेशन और पॉलिटिक्स में रूच…और पढ़ें
Discover more from Entertainment News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.