90 के दशक की चमकती दुनिया में मीनाक्षी शेषाद्रि की खूबसूरती और अदाओं का अलग ही जादू था. 1993 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘आदमी खिलौना है’ का मशहूर गीत ‘मत कर इतना गुरूर’ इसी जादू की शानदार मिसाल है. इस गाने में मीनाक्षी राजकुमारी जैस्मिन के किरदार में नजर आती हैं, जहां वह अपनी सूरत के गुरूर और नाज को पूरे ठाठ के साथ दिखाती हैं. गोविंदा के साथ उनकी केमिस्ट्री इस गीत को और भी यादगार बना देती है. पंकज उधास और अलका याज्ञनिक की मधुर आवाजों ने गाने को इमोशनल गहराई दी, वहीं 90s का रोमांटिक ट्रीटमेंट हर फ्रेम में झलकता है. ‘मत कर इतना गुरूर’ सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि उस दौर की शान, सादगी और स्टारडम का खूबसूरत दस्तावेज है, जिसे आज भी सुनते ही 90 के दशक की मीठी यादें ताजा हो जाती हैं. इस गीत के बोल समीर ने लिखे थे और म्यूजिक डायरेक्ट नदीम-श्रवण की जोड़ी ने किया.
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